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Bhadrapada Amavasya 2023 Shani Upay: अमावस्या तिथि भगवान विष्णु के साथ ही शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए भी खास मानी गई है। भाद्रपद मास की अमावस्या 14 सितंबर 2023, गुरुवार को है। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है। ऐसे में इस दिन का महत्व और बढ़ रहा है। भाद्रपद अमावस्या या भादो अमावस्या का दिन शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या से पीड़ित राशियों के लिए खास माना जा रहा है। शास्त्रों के अनुसार, अमावस्या तिथि पर शनि की महादशा से पीड़ित राशियों के कुछ उपाय करने से शनिदेव के कष्टों से राहत मिलती है। जानें इन राशियों व उपायों के बारे में-

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इन राशियों पर है शनिदेव की तिरछी नजर-

वर्तमान में शनि कुंभ राशि में वक्री अवस्था में विराजमान हैं। शनि के कुंभ राशि में होने से मकर, कुंभ व मीन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। जबकि कर्क व वृश्चिक राशियों पर शनि ढैय्या का प्रभाव है। शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या से पीड़ित राशियों को शनि प्रकोप का सामना करना पड़ता है। इस अवधि में शनिदेव जातकों को शारीरिक, आर्थिक व मानसिक कष्ट पहुंचाते हैं।

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शनिदेव को प्रसन्न करने के उपाय-

1. शनि कृपा पाने के लिए अमावस्या के दिन शनिदेव को उड़द, काला तिल, गुड़ अर्पित करें। फिर आटे से बना चौमुखा दीया में सरसों का तेल डालकर उसे जलाएं और शनिदेव की आरती करें।
2. शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए काली चीटियों को खाने के लिए आटे में चीनी मिलाकर डालें। मान्यता है कि ऐसा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं।
3. अमावस्या तिथि पर शनिदेव का आशीर्वाद पाने के लिए किसी जरूरतमंद व्यक्ति को शनि संबंधित चीजों का दान करना चाहिए। जैसे- काले जूते, काला छाता, काला तिल, काले कपड़े, काला कंबल और खिचड़ी आदि।
4. शनिदेव का आशीर्वाद पाने के लिए शनि चालीसा का पाठ करना चाहिए।
5. शनि को प्रसन्न करने के लिए पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए।

इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


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